May 31, 2026

मोतिहारी के गांव में बना बास्केटबॉल कोर्ट बना चर्चा का विषय

0
पूर्वी चंपारण में बास्केटबॉल कोर्ट पर विवाद, लोगों ने कहा- सिर्फ बजट खर्च हुआ I

पूर्वी चंपारण में बास्केटबॉल कोर्ट पर विवाद, लोगों ने कहा- सिर्फ बजट खर्च हुआ (Image Rajeshwar Jaiswal)

Spread love

By राजेश्वर जायसवाल

पूर्वी चंपारण के गोडवा गांव में बने बास्केटबॉल कोर्ट को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि स्थानीय जरूरतों को नजरअंदाज कर केवल बजट खर्च करने के लिए यह निर्माण कराया गया।

मोतिहारी (बिहार), May 28, 2026 — पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी के समीप स्थित गोडवा गांव में बना एक बास्केटबॉल कोर्ट इन दिनों चर्चा और सवालों के केंद्र में है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस इलाके में बास्केटबॉल खेल की न तो परंपरा है और न ही इसके प्रशिक्षक उपलब्ध हैं, वहां इस तरह का कोर्ट बनाना केवल सरकारी बजट खर्च करने का माध्यम बनकर रह गया है।

गांव के लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर यह कोर्ट बनाया गया है, वहां पहले फुटबॉल जैसे स्थानीय खेल खेले जाते थे। अब वहां बास्केटबॉल कोर्ट का निर्माण कर दिया गया है, लेकिन गांव के अधिकांश लोग इस खेल के नियम तक नहीं जानते। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की रुचि क्रिकेट, कबड्डी, कैरम और शतरंज जैसे खेलों में अधिक है, ऐसे में उन्हीं खेलों को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए थीं।

ग्रामीणों ने कोर्ट की बनावट और डिजाइन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में कई तकनीकी खामियां दिखाई देती हैं। कोर्ट के आसपास बने हिस्सों और सतह की स्थिति को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई। कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि बच्चे यहां खेलेंगे तो चोटिल होने का खतरा बना रहेगा।

हालांकि गांव के लोगों ने यह भी माना कि इलाके में स्थित स्कूल नियमित रूप से संचालित होता है और वहां शिक्षक एवं छात्र आते हैं। गांव का वातावरण प्राकृतिक रूप से सुंदर और शांत है, लेकिन खेल सुविधाओं के चयन में स्थानीय जरूरतों और रुचियों को नजरअंदाज किया गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि बिहार में कई बार योजनाओं का निर्माण जमीनी जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं किया जाता, बल्कि बजट खर्च करने की जल्दबाजी में ऐसे प्रोजेक्ट तैयार कर दिए जाते हैं जिनका वास्तविक लाभ सीमित होता है। लोगों ने मांग की है कि सरकार स्थानीय युवाओं और बच्चों की खेल संबंधी रुचियों के अनुसार सुविधाएं विकसित करे।

कुछ ग्रामीणों ने राज्य सरकार और खेल विभाग से इस मामले की समीक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि गांवों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है तो वहां ऐसे खेलों पर निवेश होना चाहिए जिनमें स्थानीय स्तर पर भागीदारी और प्रशिक्षण की संभावनाएं अधिक हों।

फिलहाल गोडवा गांव का यह बास्केटबॉल कोर्ट इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे सरकारी योजनाओं की प्राथमिकताओं से जोड़कर देख रहे हैं।

विजय के ‘ज्योतिषी विवाद’: OSD नियुक्ति रद्द होने के पीछे क्या है असली कारण

Follow The Raisina Hills on WhatsApp, Instagram, YouTube, Facebook, and LinkedIn

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from The Raisina Hills

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading